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ट्रैफिक बढ़ाने के 100 तरीके-How To Increase Website/Blog Traffic In Hindi–Indianwinners Blog

June 24, 2017
Increase Website Blog Traffic

हेलो friends वेलकम to INDIANWINNERS.मैंने अपने previous पोस्ट में बताया था Affiliate Marketing Programs/Networks/Networks Join करने से पहले किन बातों को ध्यान में रखें और आज मै आपको बताने वाला हु ट्रैफिक बढ़ाने के 100 तरीके-How To Increase Website/Blog Traffic In Hindi–Indianwinners Blog.Website का Traffic बढ़ाने के बहुत से आसान तरीके है जिनसे हम अपनी Website का Traffic बढ़ा सकते है ! हमारी Website का Traffic तभी बढ़ता है जब हमारी Website पर अच्छे Content हो ! अगर हमारी Website पर अच्छे Content है तो Search इंजन हमारे Article को सबसे पहले और सबसे ऊपर की और दिखायेगा ! इस तरीको से हम अपंनी Website की Traffic खुद बढ़ा सकते है !
  • ''INDIANWINNERS website per seo toppic(Blog/Website ko google me high rank) se related post avilable hai agar aap apne website per jyada traffic chahte hai to yah guide padhana na bhule.''

Traffic बढ़ाने के 100 तरीके [Working Tips For Increase Your Website Traffic]

अच्छा Title बनाये : 

Title पहली वह चीज है जिन्हें हमारे Readers पहले देखते हैं, और Title ही इकलौती चीज है जो लिखे गए Articles में सबसे पहले देखि जाती हैं। आपका Title Readers पर प्रभाव डालता है और उन्हें आकर्षित करता हैं। एक अच्छा Title Readers की संख्या बढ़ा सकता हैं, अगर उन्हें Social Media पर Share किया जाये ।

 Articles में ज्यादा से ज्यादा Words का use करें : 

Articles की गुणवत्ता Search Engine के Result में बेहतर स्थान दिलाती हैं। Explain करें कि आपका Article Readers की जरूरत को पूरा करता है, और उन्हें वो सारी जरुरी Information एक ही जगह पर मिलती हैं जिनकी उन्हें जरूरत हैं। यह Website के Traffic को बढ़ाने का सबसे प्रभावशाली तरीका हैं; लोगो को वह जानकारी उपलब्ध करवाऍ जो उन्हें और कही नहीं मिल सकती, या कम से कम, इतनी अच्छी गुणवत्ता में तो नहीं मिलेगी जो आप प्रदान कर रहे हैं।

कभी भी किसी दूसरी Website से Copy करके अपनी Website पर Paste ना करें क्योंकि इन सब के लिए सारे Search Engine आजकल बहुत ही ज्यादा Advance हो गए है ! जब भी Google पर कोई कुछ Search करता है तो Copy Paste किया हुवा Article सब से अंत में दिखाया जाता है जिसका हमें कोई फायदा नहीं होता इसलिए कहीं से Copy करके न लगायें बल्कि खुद के Content लिखकर लगायें !
ALSO READ-

एक अच्छा Topic चुने अपने Article के लिए : 

एक अच्छी Website को बनाने से पहले एक अच्छा टॉपिक Choose करें जिस पर आप अच्छी तरह और पूरी तरह Explain करके लिख सके और उस जानकारी को पूरी तरह समझा सके ! Topic वही Choose करे जो की आपके Readers को पढना पसंद और वही Topic Choose करें जिसके बारे में बाकि Bloggers ने बहुत कम बताया है अगर आप कोई ऐसा Topic Choose करेंगे जिसके बारे में किसी ने पहले से बता रखा है तो आप उस Topic से अपनी Traffic नहीं बढ़ा सकते है !

Share करने वाले Topic पर ही लिखें – 

उस्सी Topic पर लिखें जिस Topic को आपके Readers आसानी से Social Media पर Share कर सके ! क्योंकि इससे आपकी Traffic को ही फायदा होगा इसलिए उस्सी Topic पर लिखे जिसे आपके Readers बेझिझक Share कर सके !  

List And Digit Article Style – 

List वाले Articles को ज्यादा से ज्यादा लिखे और Share करें क्योंकि एन Articles को Social Media पर बहुत ही ज्यादा तेजी से फेलाया जा रहा है और इन्हे पढने वाले Users की भी संख्या तीव्र गति से बढती जा रही है ! जैसे की “कुछ करने के लिए ये 10 Tips” ! यानि की ऐसे Article को ज्यादा लिखें जिनमे List दी गयी हो या संख्या दी गयी हो !


अपने Articles की लंबाई तय करें – 

आपके Article में Traffic बढ़ाने के लिए कम से कम 1000 Words हर Article में होना चाहिए Google ने Minimum 300 Words के लिए तय किया है आप अपने Traffic के लिए कितना भी ज्यादा Words ले सकते है Article को लिखने से पहले उसकी लम्बाई को तय करें की कितने Word लिखने है और हो सके तो ज्यादा से ज्यादा Words का इस्तेमाल करें किसी छोटे Topic पर ज्यादा Time खराब ना करें जो Point 4 Line में समझाया जा सकता है उससे 8 Line में समझाएं लेकिन 80 Line लिखने से कोई फायदा नहीं होगा !

Articles नियमित रूप से लिखते रहे: 

आप जितना ज्यादा लिखेंगे और अगर नियमित रूप से लिखेंगे आपको उतना ही ज्यादा फायदा होगा ! हर दिन लिखने की कोसिस करें ताकि आपकी Website पर आपके Readers बने रहें !

Website को Update करते रहें और खासकर उन भागो को जो सबसे ज्यादा देखें जाते है आपके Readers को ऐसा लगना चाहिए की Website पर हर दिन हमें कुछ न कुछ नया सिखने को मिल रहा है ! तभी आपकी Website की Traffic बनी रहेगी !

बाहर के लोगों से लिखवा सकते है या Readers से भी – 

अगर आपको खुद को लिखना पसंद नहीं है तो आप अपने Readers से भी लिखवा सकते है या किसी लेखक से भी लेकिन आपके विचारों के बारे में और कोn जान सकता है इसलिए जहाँ तक हो खुद ही लिखें ! लिखने की आदत बनाएं ! ज्यादा से ज्यादा लिखने का प्रयास करें ! इससे आपके Readers भी बने रहेंगे !

Articles में Tags का इस्तेमाल करें – 

आप अपनी Website पर जिस Topic पर भी Article लिखते है उसमे Tags का इस्तेमाल जरुर करें क्योंकि यह Search Engine के लिए सबसे Important है जब भी कोई Search Engine में कुछ भी Search करता है तो Search Engine हमारे Tags को भी Cheak करता है अगर Search किया गया Topic हमारे Tag से Match करता है तो Search Engine हमारी Website सबसे पहले दिखता है ! जो हमारे Traffic बढ़ाने में सबसे Important है !

Article में KeyWord का Use जरुर करें ( SEO के लिए ) – 

आप अपने Article में KeyWords का भी Use कर सकते है क्योंकि ये SEO के लिए सबसे बढ़िया है और आपकी Post को Search KeyWord से Match करके आपकी Website को Result में दिखता है अपने Article में ज्यादा से ज्यादा KeyWord का इस्तेमाल करें इससे आपको Traffic का सबसे अधिक फायदा होगा और आपके Website की Rank भी Top पर जाएगी ! अगर आपके Article में Content कम है और Keyword का से ज्यादा किया गया है तो भी आप आसानी से अपनी Traffic बढ़ा सकते है और अपने Article को SEO कर सकत है ! SEO का पूरा फायदा हमें तब मिलता है जब कोई Search Engine से किसी Word को Search करके हमारी Website पर आता है ! अगर आपने अपने Article में KeyWord का ज्यादा से ज्यादा उसे किया है तो Sharing से ज्यादा Search इंजन से आपको अधिक Traffic मिलेगी !

KeyWords ना केवल Title और Pages के नाम में आते हैं लेकिन यह “Meta Tags” में भी होते हैं। “Meta Tags” Software के Code होते है जो Website के दर्शक नहीं देख पाते है, लेकिन Search Engine देख पाते हैं।

KeyWord ज्यादा नहीं लिखे – 

KeyWord में बहुत सारी चीजे आपकी Website को Search Result में काफी नीचे कर देगी। साथ ही, ध्यान रहे संकेत शब्दों को Grafix में नहीं लिखे; Search इंजिन Graix नहीं पढ़ सकते हैं।

अच्छे Link बनाये:

Link बनाना Website के लिए बहुत Important हैं। यह एक प्रक्रिया है जो आपकी Website के एक Page को दूसरे से जोड़ती हैं। जिससे आपको अपने Article और PageViews में ज्यादा फायदा मिलता है और Visiters आपकी Website पर ज्यादा से ज्यादा समय तक रहते है !

दूसरी Website से Link लेना जो Website आपके Subject से काफी मिलती जुलती है यह आपके लिए बहुत सारा Traffic ला सकती हैं। Link दोनों तरफ के लिए होते है क्योंकि आपको भी उन्हें Link उपलब्ध करवाना होगा, केवल उन्ही Website से खुद की Website को जोड़े जो आपके Subject के बारे में काफी अच्छी है, और आपके Readers को इससे असल में मदद मिल सकती हैं।

आप अपनी Website से Related Blogs से जुड़ सकते है और वहां अपनी तरफ से कुछ सहायता की Link भी दे सकते है दूसरी Website पर Comments कर सकते है और अपनी Website का नाम भी वहां दे सकते है जिससे की आपको वहां से Traffic मिल सकती है ऐसी छोटी छोटी चीजे ही आपकी Website का Traffic बढाती है !

एक आरएसएस फीड (RSS feed) तैयार करें। एक आरएसएस फीड आपके Article को दूसरे विभिन्न जगहों से जुड़ने में आसानी से मदद करता हैं। आपके आरएसएस फीड को निर्देशिका में जोड़ने से आपके Link को काफी बढ़ावा मिलेगा।

Free Information दे: 

आप अपनी Website पर कुछ Free Producr के बारे में Readers को बता सकते है या कुछ ऐसी Service के बारे में Readers को बताएं जो की free में मिलती है या कोई ऐसी Trick जो आपके Readers में Free में Product दिला सकती है ये भी आपकी Traffic बहुत ज्यादा बढ़ा सकती है क्योंकि Readers आपकी Website पर तभी आयेंगे जब उनको कुछ फायदा होगा !

आप अपने Readers को Free में Ebook भी दे सकते है और उन्हें इसको आगे भी Share करने को बोल सकते है ! आप उन्हें दी गयी Free Ebook को आगे Share करने के लिए कुछ Price भी दे सकते है जिससे वो और लोगों को भी आपकी Website पर आने के लिए प्रेरित कर सके !

दर्शको को प्रतियोगिताओं में Free शामिल करना: 

जीतने का पुरस्कार Readers के लिए रोचक या कामगार होना चाहिए। बहुत से Reader जो आपके प्रतियोगिता के Result की जानने के लिए Website पर बार बार आएंगे। जिससे आपकी Website की Traffic और ज्यादा बढ़ेगी !

Website की ओर से मुफ्त ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करना – 

आप अपने रीडर्स को फ्री सर्विस दे सकते है या Market में जो Product ज्यादा पैसे में मिल रहा है आप उसे अपनी Website पर कम पैसे में उपलब्ध करवा सकते है ! जिससे की लोग बार बार आपकी Website पर Visit करेंगे और आपको अच्छी Traffic मिल सकती है !

Free CD, DVD इत्यादि भेजना: 

जिनमे शुरुआती पैकेज हो और अतिरिक्त जानकारी दिखाई गयी हो यह आपके ग्राहकों को Website पर वापिस आने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

Free Screen Saver या Business Card के लिए Template, Template, Card, लिखने के कागज इत्यादि: वह कुछ जो ग्राहक Print करके ले सके।

एक Form शुरू करें: 

Form आपके Website के लिए एक समूह की तरह काम करेगा जहाँ वे Website और उसके अलावा बातो पर चर्चा कर सकते हैं। Active Form Search में ज्यादा दिखाई देते हैं।

अपनी Website का Advertise करें: 

Link का इस्तेमाल करने के अलावा भी आपको Website के दर्शक बढ़ाने के और भी कई तरीके इस्तेमाल करने चाहिए। यहाँ पर इस्तेमाल करने के लिए बहुत से Online और Offline तरीके हैं।
अगर आप अपनी Website पर पैसे देकर Traffic लाना चाहते है तो आप किसी दूसरी Website पर Advertise कर सकते है और सामने वाले को पैसे दे सकते है जितने Click से आपकी Website पर Traffic आता है आप पर Click Advertise को पैसे दे सकते है !

Website का Traffic बढ़ाने का सबसे ज्यादा चलन तरीका आप अपनी Website के लिए Banner बनवा सकते है और उन्हें अपनी City में लगवा सकते है या अखबार में Advertise कर सकते है ! जिसका सिमित Charge होता है Website का Traffic बढ़ाने में ये सबसे अच्छा तरीका है और Successfull भी है अक्सर लोग इस्सी तरीके से ही अपनी Traffic बढ़ते है !

अपने Posters को छोटे Business Card Cafe में छोड़े, bus Stop पर रखे, बैठकों इत्यादि में आदान प्रदान करें।

स्थानीय Club जैसे Liabrary और Social स्थानों का इस्तेमाल बिना आय की Website के लिए जागरूकता फ़ैलाने के लिए करें।
खुद सबसे बात करें। सबसे अपनी Website के बारे में कहे, अपने Business Card को सड़क पर आने जाने वालो को बांटे!
अपनी कार का इस्तेमाल करें, खासकर यदि आपकी Website क्षेत्र- विशेष है (जैसे स्थानीय आयोजनों के बारे में जानकारी देना, स्थानीय सेवाएं मुहैया करवाना)। आप अपनी कार पर advertise भी लगवा सकते हैं और अपनी कार को चलते फिरते Advertise में बदल सकते है, जो आपके Website के लिए असल में Traffic लाएगी!

Social Media पर Sharing – 

आप अपनी Website की Traffic बढ़ाने के लिए Social का प्रयोग कर सकते है ! और ये अबसे जरुरी भी है आपको अपनी Website के लिए Offline से ज्यादा Social Media से Traffic मिल सकते है Traffic बढ़ाने के लिए आप अपनी Website की Marketing Facebook Twitter Google+ इन सब पर आसानी से कर सकते है !

Facebook Page बनाये: 

Facebook आपकी Site या Business के लिए एक Page बनाने की इजाजत देता हैं। आप Facebook पर अपनी Website की Sharing के लिए एक Page बना सकते है और लोगों को या अपने Friends को उसको पसंद करने के लिए कह सकते है ! ये सिर्फ एक बार की मेहनत है जब आपके Page पर एक बार के लिए 1000 Likes मिल जाते है तो आप आसानी से इनसे भी Traffic सकते है लेकिन उसके लिए भी आपकी Website पर Active रहना सबसे Important है और आप आपकी Website पर Par Day Update करना सबसे Important है ! आपकी Website में होने वाले Updates आपको बहुत ज्यादा Traffic दिला सकते है क्योंकि Readers सबसे ज्यादा उन्ही Websites को पसंद करते है जो की Updated रहती है !

New Articles को Twitter पर प्रकाशित करें – 

आप अपनी Website के लिए Twitter पर एक अलग से Account बना सकते है और उस पर अपने Articles को लगा सकते है ! जिससे भी आपको Traffic पाने में आसानी होगी हालांकि Twitter Facebook से Traffic लेने में थोडा पीछे है लेकिन Twitter से भी आप अच्छी खासी Traffic पा सकते है अगर आपका Article अच्छा हो तो !

 टम्बलर (Tumblr) का इस्तेमाल दर्शक पाने के लिए करें: 

Tumblr एक Blogging सेवा है जो आपके Website Posts के Link को आसानी से Share करने की सेवा उपलब्ध करवाती हैं। टम्बलर (tumblr) का इस्तेमाल अपने Articles और सम्बंधित लेखो के Link Share करने के लिए करें।

अपने फोटोस को इंस्ताग्राम (Instagram) पर साँझा करेंं: 

इंस्ताग्राम (Instagram) पर अपनी कम्पनी या Website का खाता बनाये और अपने Subject से सम्बंधित कुछ Photos लें। सुनिश्चित करें कि आप # Tag का इस्तेमाल अपने Photos पर Website के विज्ञापन करने के लिए करने के लिए कर रहे हैं, और आपकी Profile में Website का Link जोड़ना ना भूलें।

अपने लेखो को रेडिट (Reddit) और डीग (Digg) पर प्रकाशित करें: 

रेडिट (Reddit) और डीग (Digg) दोनों पर बहुत सारे सक्रिय यूसर्स के समूह हैं। अपने लेख वहाँ प्रकाशित करने करने के परिणामस्वरूप आपके Website को बहुत सारा अच्छा Traffic मिल सकता हैं, यह तब तक कार्य करेगा जब तक आप सही स्थान पर Post प्रकाशित कर रहे जो, और प्रकाशन के नियमानुसार कार्य करते रहेंगे।

एक सुसज्जित, आधुनिक डिज़ाइन वाली Website बनाये: 

अगर आपकी साईट देखने में आसान नहीं है तो आप दर्शको को ज्यादा समय तक रोक नहीं पाएंगे। सुनिश्चित करें कि आपकी Design आपके Subject पर अच्छी लग रही है, और यह काफी हद तक आधुनिक भी है जो आपके दर्शको को देखने में आकर्षक लगे और वे आसानी से Website के अपने पसंदीदा भाग पर पहुँच सके।

Pages का Control बनाएँ: 

Readers आपकी Website की Design देखने के बाद यह देखता है की आपकी Website के Content उसके लिए Important है या नहीं ! Readers को Blogging सीखना है और आप उसे Hacking सिखा रहे है तो आप रीडर्स को अपनी Website के लिए Traffic बढ़ाने में सामिल नहीं कर सकते है ! इसके लिए वो आपकी Website पर एक बार आ तो सकता है लेकिन रह नहीं सकता !
Control ना केवल आपके पृष्ठों को दिखने में ज्यादा आकर्षक बनाता है, बल्कि यह आपके Pages को पढ़ने में आसान बनाता है और चीजे ढूंढने को आसान बनाता हैं। एक अच्छी चीज आपके Pages की चीजो को आसानी से चलाता हैं।

Websiteको साधारण रखें: 

अगर आप अपनी Websiteपर दिखने वाली अनचाही चीजो को हटाते है, तो इससे केवल Importantचीजे लोगो को दिखेगी। आपको कुछ खाली सफ़ेद जगह भी Websiteके पृष्ठों पर रखनी चाहिए यह दिखने में काफी आरामदायक होता हैं, साथ ही आसानी से कही जाने में मदद करता हैं।
White Background का इस्तेमाल करें, Background की Design और रंग Website की संपूर्ण क्षमता को प्रभावित करता हैं। अपनी Website पर बहुत ज्यादा Design ना रखें क्योंकि इससे Readres को Content पढने में दिक्कत हो सकती है अगर आप Background पर एक Color इस्तेमाल करने वाले है, तो आपको यह सुनश्चित कर लेना चाहिए कि Background के रंग और लिखावट के Colours में Important अंतर हैं। 

चमकदार और गहरे Colours के इस्तेमाल में सावधान रहें जैसे Red और Yellow । ये Colour देखने की क्षमता को प्रभावित करते है और इन्हें देखने से अल्पकालीन थकान महसूस होती हैं यह खास कर ज्यादा शारीरिक या मानसिक कार्य करने वाले Readers के साथ होता हैं, और Reader लिखे हुए Words से अपनी एकाग्रता खो देता हैं।

Clear or Quality की Photos लें: 

अगर आप अपनी Website पर Photos का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वो भी अच्छी Quality की Upload करें और Copy की हुई Photos का इस्तेमाल न करें क्योंकि ये आपकी Website की Traffic कभी नहीं बढ़ा सकती है !

आपके Site के लिए Comission Art: 

अगर आप ज्यादा कलात्मक प्रवृति के नहीं है, आप अपनी Website  को पेशेवर दिखाने के लिए Comission Art की सहायता भी ले सकते हैं। इसके लिए आपको छोटी सी रकम अदा करनी होगी, लेकिन इससे आपके Site पर बहुत बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा।

इन्फोग्राफिक्स (infographics) बनाये: 

ये बहुत ज्यादा उपयोग किये जाते हैं, और Social Media से भी ज्यादा प्रभावी हैं। आपको बहुत सी Online SIte मिलेगी जो कि आपके Data और Template चयन के चयन के आधार पर आधारित Infographics बना सकती हैं।


पोडकास्ट (podcast) शुरू करें: 

Readers के साथ आपके विचार और दृष्टिकोण Share करने का यह लोकप्रिय तरीका हैं। वे आपके पोडकास्ट सुन सकते हैं, और आप इससे भी Paise कमा सकते हैं।

एक YouTube Chhanal बनाये और उसे अपनी Website से जोड़े: 

अगर आपको अपनी Website के लिए Video की जरुरत पड़ती है तो आप उसके लिए You Tube की मदद ले सकते है और आप इससे Extra Earning भी कर सकते है आप YouTube की सहायता से भी अपनी Website की Traffic बढ़ा सकते है ! Readers को Content पढने के अलावा आप उन्हें Video से भी किसी Topic को अच्छी तरह से समझा सकते है !

अगर आपको यह पोस्ट ''ट्रैफिक बढ़ाने के 100 तरीके-How To Increase Website/Blog Traffic In Hindi–Indianwinners Blog ' information के taur पर useful रहा हो तो आप please इसे सोशल media पर अपने friend को share जरूर kijiye sath me aap hamare youtube channal ko subscribe kar le aur aap hamare blog feed ko bhi subscribe kar sakte hai yah bilkul free hai. 

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मैंने अपने वेबसाइट indianwinners पर ऑनलाइन पैसा कैसे कमाए और फ्री में blog ya website कैसे बनाये से related बहुत सारे post already publish कर चूका हु आप हमारे ऐसे ही अन्य interesting ब्लॉग read कर सकते है.Friends मेरा एक youtube चैनल है जिसका नाम ''Tech 20 With Shubham'' है आप हमारे चैनल को subscribe करना न भूले मै यहाँ पर daily नई video लाता हु जो टेक से related होता है वो भी हिंदी में so subscribe माय channel if u want.



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ट्रैफिक बढ़ाने के 100 तरीके-How To Increase Website/Blog Traffic In Hindi–Indianwinners Blog ट्रैफिक बढ़ाने के 100 तरीके-How To Increase Website/Blog Traffic In Hindi–Indianwinners Blog Reviewed by Seo Master on June 24, 2017 Rating: 5

SEO Friendly Post kaise Likhe -Get more traffic on your blog/website

May 20, 2017
write seo friendly post in wordpress blogspot

हेलो फ्रेंड्स वेलकम to Indianwinners ब्लॉग.मैंने अपने previous पोस्ट में बताया था Learn SEO (Search Engine Optimization) for Hindi Blog in 10 Minutes और आज मै आपको बताने वाला हु SEO Friendly Post kaise Likhe -Get more traffic on your blog/website .आप को पता होगा ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन में जीतनी हाई रैंक होगा आपके ब्लॉग का ट्रैफिक रिजल्ट उतनी ही बेटर होती जाएगी.दोस्तों ब्लॉग्गिंग करते समय एक एक चीज़ का बारीकी से ध्यान रखना पड़ता हे . सभी चीज़ों को सर्च इंजन के according optimize करना पड़ता है.

Content-

1-Targeted Keyword placement in blog post 

2-Heading Aur Meta Description

3-Image and ALT Tags Uses

4-Use of Custom Permalink, Categories and Tags 

5-Keyword density

6-Important tips for write seo friendly blog post

अब ट्रैफिक रिजल्ट को बेटर बनाने के लिए आपको ब्लॉग पोस्ट seo friendly लिखना बहुत जरुरी है.अब आपके मन में question होगा blog ko seo(search engine optamization) friendly kaise banaye.आज मै आपको SEO friendly पोस्ट लिखने का बेस्ट तरीका बताऊंगा जिससे आपके ब्लॉग पोस्ट की traffic increase होगी.


How to Write SEO Friendly post in Blogger/Wordpress/Blogspot(Get more traffic on your blog/website)


वैसे सर्च इंजन में पोस्ट रैंक हाई होने के लिए बहुत सारे फैक्टर वर्क करते है but आज ब्लॉग पोस्ट को seo friendly बनाने के लिए जो भी effective way है उसपर details से बात करेंगे.Search engines के robots जब आपकी पोस्ट को crawl करते हैं तो आपकी पोस्ट को analyze करते हैं. उसके according आपकी post search results में show होती है.

High rank होने के लिए आपकी पोस्ट Google और Bing के algorithm के according होनी चाहिए. अगर आपकी पोस्ट algorithm के अकॉर्डिंग नहीं है तो आपको कोई फायदा नहीं होगा और आपका सारा हार्डवर्क बेकार हो जाता है. 

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Google and Bing पर कोई ह्यूमन नहीं है जो आपकी साइट पर visit करके, post को देखता है और index करता है. जिस से आपकी पोस्ट search engine में rank होती है. ह्यूमन की जगह यहाँ पर custom robots set किये जाते है जो गूगल और बिंग के algorithm के अनुसार काम करते है.

Search engine में वो पोस्ट ही रैंक करती है जो SEO रूल्स को फॉलो करके लिखी गयी हो. ज्यादातर new blogger इसको इग्नोर करते है और एक अच्छा आर्टिकल होने के बाद भी उनको रैंक नहीं मिलती.

WordPress/Blogger/Blogspot Par SEO Friendly post kaise likhe

वर्डप्रेस या ब्लागस्पाट दोनों में seo friendly पोस्ट लिखने के तरीके में थोड़ा बहुत defrence है.मै यहाँ पर विशेष रूप से ब्लागस्पाट पर seo friendly post लिखने का right way के बारे में बताया हु.


1-Targeted Keyword placement in blog post (Title and Blog Post)

फ्रेंड्स आपके ब्लॉग पोस्ट में जितने भी कीवर्ड use हुए है वो right place पर है या नहीं या फिर हमें targeted keyword को कहाँ कहाँ  place करना चाहिए जिससे search इंजन आपके post को रिजल्ट में शो करे.बहुत से ब्लॉगर केवल अपने पोस्ट राइटिंग पर फोकस करते है कीवर्ड को place नहीं करते इसीलिए उनका ब्लॉग पोस्ट रैंक में पीछे रह जाता है.आपको अपना targeted keyword अपने ब्लॉग के Title(H1) में जरूर place करना है.

आपके पोस्ट का टाइटल जितना ज्यादा अच्छा होगा उतना ही ज्यादा ट्रैफिक आपको milega. बहुत से ब्लॉगर पोस्ट टाइटल पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. शायद उनको ये पता नहीं होता की 80% ट्रैफिक तो टाइटल से ही आता है.

पोस्ट का टाइटल हमेशा 66 character से ज्यादा नहीं होना चाहिए. अगर आपका टाइटल 66 character से ज्यादा है तो search result में आपका टाइटल पूरा show नहीं होगा. अधूरा title शो होने पर रीडर उसको रीड नहीं कर पाते जिसके कारण उस पर कोई विजिट नहीं करेगा.

Keyword को Post में कहाँ कहाँ डालें

1.Title Tag में

2.Blog post के first पैराग्राफ में 

3.PermaLink में

4.H2 and H3 Heading में

5.Meta Description में

6- Image Optimize ALT Tag में

2-Heading और Meta Description

फ्रेंड्स सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बातें है आप अपने पोस्ट में हैडिंग  का use प्रॉपर way में करे ज्यादातर ब्लॉगर Heading का use अच्छे से नहीं करते.इसमें ध्यान देने वाली बातें यह है आपका H 1 आपका टाइटल ही है,but बहुत से लोग दोबरा H1 का use करते है.इससे बचने के लिए आप अपने ब्लॉग पोस्ट में डायरेक्ट H2 heading का use करे.

सर्च रिजल्ट में आपकी पोस्ट कभी भी पूरी show नहीं होती. वहां पर आपकी पोस्ट का short description शो होता है जिसको meta description कहते है. इसलिए वर्डप्रेस पर जब भी आप कोई पोस्ट करो तो अपनी पोस्ट का एक शार्ट description जरूर ऐड करे. इसमें 140-160 character का use करे जो SEO के लिए best होता है.

Wordpress पर Yoast SEo और All in One Seo में ये option available होता है. Blogger पर आपको right side में search description पर क्लिक करके add करना होता है.


3-Image and ALT Tags Uses

 आपको यक़ीन नहीं होगा. पर एक image 1000 वर्ड के बराबर होती है .Image से visitor को समझने में काफी मदत मिलती है पर एक important बात आपने image लगाकर visitor की help तो की पर इमेज को search robot रीड नहीं कर सकता इसलिए image को alt tag लगाकर optimize करे|

और image का इस्तेमाल google से download करके मत करे. क्योंकि गूगल पर जो image 
होती हे वो गूगल की खुद की नहीं होती.किसी दूसरे साइट में use की गयी इमेज गूगल दिखता है   जिसका use करना copyright है

कोई भी इमेज अपलोड करने से पहले एक बार अपनी इमेज का नाम जरूर चेंज करे. अपनी इमेज को पोस्ट के अनुसार रीनेम करे. अगर आपकी पोस्ट में use की गयी इमेज का नाम -125.jpg या secreenshot.jpg है तो आपकी इमेज कभी भी search result में show नहीं होगी.

Image को upload करते टाइम image में ‘ALT’ टेक्स्ट जरूर add करे. Seo के लिहाज़ से बहुत ही important होता है. Alt tag में आप अपना main keyword add करे जिस से आपकी इमेज भी search engine में index होने में आसानी होती है 


4-Use of Custom Permalink, Categories and Tags 

जब आप कोई पोस्ट लिखते हो तो पोस्ट का टाइटल एंटर करते ही automatically आपकी पोस्ट का url बन जाता है जिसको permalink बोलते है. पोस्ट का टाइटल ही default url बन जाये तो ये seo के लिए अच्छा नहीं होता. आप इसको edit करके इसमें अपना main keyword add करे.

Permalink को edit करते time अपने url को थोड़ा short रखने की कोशिश करे. इसमें कभी भी ‘stop words’ जैसे- your,this,and ka use न करे. अगर आप अपनी किसी old post का permalink change करना चाहो तो old post के url को new url पर redirect जरूर करे.इस  तरह आप custom permalink का use करके seo friendly पोस्ट लिख सकते हो.

अगर आप वर्डप्रेस पर blogging करते है तो blog category जरूर add करे. अगर आप ऐसा नहीं करोगे तो आपकी पोस्ट uncategory में show होगी जो seo की नज़र से सही नहीं है. Post करते time अपनी post के लिए tag जरूर ऐड करे  Tag में अपनी पोस्ट से related words को ही add करे.
अगर आपकी पोस्ट ‘food’ पर हो और उसमे ‘rice’ के बारे में बताया गया हो तो category में ‘food’ और tag में ‘rice’ का use करे.

5-Keyword density

ये  सबसे important point हे क्योंकि,  आपको ये नहीं पता हे की focus  keyword का कितने बार इस्तेमाल करना है . क्यों की अगर हम ज्यादा keyword का इस्तेमाल करेंगे. उससे bad seo हो जाएँगी. ट्रैफिक पर काफी ज्यादा फर्क पड़ेगा. Actually keyword को पुरे post में 2-2.5% ही use करना हे. जैसे की मान लीजिये आप की पोस्ट pure 1000 words की है तो आपको दो percentage के हिसाब से keyword का pure post में 15-20 बार ही use करना है. अगर  आपने  ज्यादा use करते हो.तो गूगल आप की post को spam मानेगा और आपको search result में कभी index नहीं करेगा.

6-Important tips for write seo friendly blog post(Queck Revise)

1-Post Title 66 Character का रखे

2-Post के first पैरा और Title में Keywords Use करे

3-Meta Description का use करे और Meta Description में targeted keyword जरूर add करे.

4-Must Add Image in Post,Rename Image and Add Alt Tag

5-Use Categories and Tags for blog post with main keyword

6-Custom Permalink में main keyword जरूर add करे

7-Post के last पैराग्राफ में main keyword ADD करे

8-कीवर्ड डेंसिटी ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसको पता लगाने के लिए internet पर बहुत सारे free tool अवलेबल  है.

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मैंने अपने वेबसाइट indianwinners पर ऑनलाइन पैसा कैसे कमाए और फ्री में blog ya website कैसे बनाये से related बहुत सारे post already publish कर चूका हु आप हमारे ऐसे ही अन्य interesting ब्लॉग read कर सकते है.Friends मेरा एक youtube चैनल है जिसका नाम ''Tech 20 With Shubham'' है आप हमारे चैनल को subscribe करना न भूले मै यहाँ पर daily नई video लाता हु जो टेक से related होता है वो भी हिंदी में so subscribe माय channel if u want.


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SEO Friendly Post kaise Likhe -Get more traffic on your blog/website SEO Friendly Post kaise Likhe -Get more traffic on your blog/website Reviewed by Seo Master on May 20, 2017 Rating: 5

Learn SEO (Search Engine Optimization) for Hindi Blog in 10 Minutes

May 13, 2017
SEO


SEO Kya hai Blog(Blogger) Ka SEO kaise Kare Full Knowladge

हेलो फ्रेंड्स वेलकम to Indianwinners ब्लॉग.मैंने अपने previous पोस्ट में बताया था Affiliate Marketing Programs/Networks/Networks Join करने से पहले किन बातों को ध्यान में रखें और आज मै आपको बताने वाला हु SEO (Search Engine Optimization) for Hindi Blog in 10 Minutes.Blog लिखने से ज्यादा important होता है ब्लॉग के पोस्ट का SEO (Search Engion Optimizatio) करना.लेकिन हम में से कई blogger SEO के सारे terms को नहीं समझ पाते आज हम SEO से related जीतनी सारी टर्म है उसे आपके सामने रूबरू करवाएंगे at least आप एक-एक terms के बारे  में अच्छे से जान सके.फ्रेंड SEO toppic बड़ा है लेकिन आप अपने ब्लॉग में सारे टर्म  जैसे keyword,meta tags ,Title tag,Alt tag etc,जितने भी सारे SEO In Hindi से  related जानकारी है मैं आप लोगो को short में provide किया हु.

SEO का मतलब होता है Search Engine Optimization. SEO का काम होता है Website को Search Engines के लिए Optimize करना. SEO एक Technique है, जिससे हम ये सब कर सकते हैं.

एक Website को Design And Develop करना जिससे उसका Search Engine Results में अच्छा Rank हो.

Search Engines पे Website के Traffic की Quality और Volume को Improve करना.
Algorithms कैसे काम करते हैं और Log क्या Search कर सकते हैं ये समझना और इस Base पे Marketing करना.

यक़ीन मानिये फ्रेंड इस guide से आप अपने ब्लॉग का SEO जरूर सुधार पाएंगे.अब आपको पता होगा हिंदी ब्लॉग को सर्च result में top पर लाने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ते है,मैंने अपने वेबसाइट पर seo से related अमेज़िंग tips and triks प्रोवाइड किया है आप हमारे seo रिलेटेड गाइड पढ़ कर अपने ब्लॉग का seo बेस्ट कर सकते है.

जब भी आप Search Engine पे कोई भी Word Search करते हैं तो आपको हज़ारो Results मिलते हैं. Search किये गए Words की Tendency के According Ranking की जाती है. जो Sites आपके Result के Top में हैं वो ही उनका Rank Show करती हैं, यानि सबसे पहली Site का रैंक 1 होता है और जैसे जैसे आप आगे बढ़ेंगे, Ranking बढ़ती जायेगी.

''INDIANWINNERS website per seo toppic(Blog/Website ko google me high rank) se related post avilable hai agar aap apne website per jyada traffic chahte hai to yah guide padhana na bhule.''

SEO एक Process है जिससे Websites को Designing And Developing की Help से Search Engine Results में High Rank मिल सकता है.

अगर आप खुद ब्लॉग्गिंग करते है और आप के पास Devaloper/SEO Expert Hire करने के लिए Pay नहीं कर सकते तो आपको हमारे द्वारा प्रोवाइड  किया गया SEO गाइड के मदद से ब्लॉग को ऑप्टिमाइज़ कर सकते है.

Friend maine apne blog per Guest post allow kar di hai aapko agar apko hamare website se Do-Follow link chahiye to Gest post Rule ko Read kare.

Keyword Related Terms In SEO In Hindi

1-Keywords in <title> tag

टाइटल टैग में जो भी लिखा जाता हैं, वो आपके पेज के टाइटल के रूप में सर्च इंजन रिजल्ट्स में दिखाई पड़ेगा। इसलिए इसका सही प्रयोग करना बेहद आवश्यक हैं। याद रखिये कि टाइटल टैग कुल छह या सात शब्द का ही हो और उसमे कीवर्ड शुरुवाती हिस्से में ही प्रयोग किया गया हो।

2-Keywords in URL

अपने पेज के मुख्य कीवर्ड का प्रयोग पेज के URL में जरूर करे। यह SEO के लिए बेहद फायेदेमंद रहता हैं। लेकिन, आपने पूरे पेज पर अगर कही भी कीवर्ड का प्रयोग नहीं किया हैं तो इसका कोई ख़ास फायेदा शायद आपको न मिले।

3-Keyword density in document text

पेज के content में इस बात का भी ध्यान रखे कि कितने बार कीवर्ड का प्रयोग कर दिया हैं। 3 से 7 प्रतिशत का प्रयोग ही SEO के लिए लाभकारी हैं। Keyword Stuffing से बचे। याद रखे, गूगल के latest update के अनुसार यह आपके वेबसाइट के लिए बुरा साबित हो सकता हैं।

4-Keywords in anchor text

आपकी वेबसाइट के लिए inbound links पर प्रयोग में लाये गए anchor text पर keywords का प्रयोग करे। याद रखिये, ये links आपकी वेबसाइट के favor में उस वेबसाइट के द्वारा दिए गये एक वोट की तरह काउंट किये जाते हैं।

5-Keywords in headings (< H1 >, < H2 >, etc. tags)

आपके पेज पर दी गयी Headings महत्वपूर्ण keywords का प्रयोग करने के लिए एक और महत्वपूर्ण जगह होती है। लेकिन यह भी ध्यान रखे कि आप उस हैडिंग के नीचे उपयोग में लाये गये keyword के बारे में भी जरूर कुछ valuable content शेयर करे।

6-Keywords in the beginning of a document

अपने content के शुरुआत में keywords का प्रयोग करे। हालांकि ये पहले बताये गये तरीको जितना असरदार तो नहीं होता, परन्तु इसका भी अच्छा लाभ मिलता हैं।

7-Keywords in tags

गूगल सर्च इंजन के spiders आपके पेज पर लगी images को तो नहीं पढ़ सकते, परन्तु उनके textual description से उन images को जान पाते हैं। इसलिए images के alt टैग का प्रयोग जरूर करे।

8-Keywords in metatags

अगर आपके पास कुछ ऐसे keywords हैं जो गूगल के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं हैं तो भी आप उनका प्रयोग यहाँ metatags में कर सकते है। याद रखिये कि वे keywords, गूगल के अलावा Yahoo और Bing पर आपको अच्छी rank पाने में मदद कर सकते हैं।

9-Keyword proximity

Keywords proximity एक ऐसा मानक हैं जिससे पता लगता है कि text में keywords कितने close है। ये ज्यादा अच्छा है कि वे तुरंत एक दुसरे के साथ हो, उनके बीच में कोई दुसरे शब्द न हो। उदाहरण के लिए, अगर आप “dog food” के बीच में कोई शब्द न लिखते हुए उसे साथ में लिखते है तो ये अलग अलग paragraph में लिखने से ज्यादा अच्छा रहेगा। Keywords proximity उन keywords phrases पर लागू होता है जो 2 या उससे अधिक words से मिलकर बने होते है।

10-Keyword phrases

keywords का प्रयोग करते समय आप बहुत सारे शब्दों से मिलकर बनी keyword phrases के लिए optimize कर सकते है। उदाहरण के लिए, “SEO services”। ये ज्यादा अच्छा होगा कि जब आप keyword phrases के लिए optimize करे तो उन keywords का चयन करे जो popular है।

11-Secondary keywords

Secondary keywords को optimize करना एक सोने की खान के बराबर हो सकता है क्योंकि जब हर कोई ज्यादा popular keywords के लिए optimize कर रहा है, तो वहाँ इस तरह के keywords पर pages के लिए competition कम होता हैं।

12-Keyword stemming

वैसे इंग्लिश के लिए, यह एक बड़ा factor नहीं हैं क्योंकि एक root से जुड़े सभी words को एक दुसरे से सम्बंधित समझा जाता हैं। अगर आपके पेज पर dog शब्द का प्रयोग हैं तो आपके पास dogs और doggy के लिए भी hits आयेंगे। लेकिन, दूसरी भाषाओ में keywords stemming एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता हैं क्योंकि एक stem से जुड़े भिन्न शब्दों को एक दुसरे से सम्बंधित नहीं माना जाता हैं। अतः आपको उन सभी keywords के लिए optimize करना होगा।

13-Synonyms

मुख्य keywords के लिए optimize करने के साथ साथ target keywords के synonyms भी प्रयोग करने चाहिए। ये English में बनी websites के लिए अच्छा है क्योंकि जब sites की ranking करनी होती हैं तो search engines बेहद समझदारी से synonyms प्रयोग भी कर लेते है। लेकिन बहुत सारी अन्य भाषाओं में rankings की गणना के लिए synonyms को प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है।

14-Keyword Mistypes

Spelling errors का होना भी बेहद सामान्य बात है और यदि आप जानते है कि misspellings या alternative spellings के रूप में आपके target keywords बेहद popular हो चुके है तो आपको उन रूपों के लिए भी optimize करने की कोशिश करनी चाहिए। हाँ, इस से आप ज्यादा traffic प्राप्त कर सकते है। लेकिन, याद रखिये कि spelling में गलतियों के होने से आपकी website का अच्छा impression नहीं बनता है। इसलिए, बेहतर होगा कि आप ये प्रयोग न करे या फिर इस को केवल metatags में ही उपयोग में लाये।

15-Keyword dilution

जब आप उन keywords की अत्यधिक मात्रा के लिए optimize करेंगे जिनका आपके content से कोई सम्बन्ध नहीं हैं, तो ये आपके सभी मुख्य keywords से मिल सकने वाले लाभ को भी प्रभावित कर देता है।

16-Keyword stuffing

Keyword stuffing कृत्रिम रूप से 10% या उससे ज्यादा keywords का content में प्रयोग करना हैं। याद रहे, ये आपको search engines से बैन होने का खतरा पैदा करता है।



Links – Internal, Inbound, Outbound(SEO In Hindi)

1-Anchor text of inbound links

जैसे कि पीछे keywords section में बताया गया है, यह अच्छी rankings लाने के लिए important factors में से एक है। यह बहुत अच्छा होगा यदि आपका keyword, anchor text में हो, लेकिन नहीं भी है तो ठीक है। हालाकि, बार बार एक ही anchor text का प्रयोग मत करे क्योंकि Google इसके लिए penalize भी कर सकता है। Synonyms, keyword stemming या फिर अपनी site का नाम प्रयोग करे।

2-Origin of inbound links

याद रखे, anchor text के अलावा ये भी जरुरी है कि जो साईट आप की site से जुडी है, वो reputable है या नहीं। साधारणतया जो sites बेहतर Google PR वाली होती है reputable मानी जाती है। Poor sites और link farms से प्राप्त links आपको बहुत हानि पहुंचा सकते है, इसलिए किसी भी तरह उनसे बचे।

3-Links from similar sites

अक्सर links के लिए, ये समझा जाता हैं कि जितने ज्यादा उतना बेहतर हैं। लेकिन links की संख्या के मुकाबले, आप की site से जुडी sites की reputation ज्यादा जरुरी है। और उनका anchor text, उपयोग किये anchor text में keywords की कमी/उपस्तिथि, link की age आदि भी बहुत जरुरी है।

4-Links from .edu and .gov sites

ये links बहुत कीमती है क्योंकि .com, .biz, .info आदि domains के मुकाबले .edu and .gov sites ज्यादा reputable मानी जाती है। हालाकि इस प्रकार के links प्राप्त करना बहुत कठिन है।

5-Number of backlinks

अक्सर इस प्रकार के links के लिए भी, ये समझा जाता हैं कि जितने ज्यादा उतना बेहतर हैं। लेकिन links की संख्या के मुकाबले, आप की site से जुडी sites की reputation ज्यादा महत्वपूर्ण है। और उनका anchor text भी जरुरी है। ध्यान रखिये, उसमें एक keyword है या नहीं, वे कितने पुराने है, इत्यादि।

6-Anchor text of internal links

ये भी जरुरी है, लेकिन इतना नहीं जितना कि inbound links का anchor text।

7-Around-the-anchor text

Anchor text के ठीक आगे या पीछे का text भी महत्व रखता है क्योंकि ये दर्शाता है कि link किस प्रकार सम्बंधित हैं उस site से जिस से वो जुड़ा हैं। कही ये link कृत्रिम रूप से बनाया गया हैं या text के natural flow के अनुसार हैं।

8-Age of inbound links

ज्यादा पुराना होना ज्यादा अच्छा है। बहुत सारे नए links एक साथ पा लेना उन्हें खरीदना समझा जाता है।

9-Links from directories

ये tactics कार्य करेगी या नहीं, कहना जरा मुश्किल हैं क्योंकि ये पूर्ण रूप से निर्भर करता है कि किस प्रकार की directories से ये links मिले है। DMOZ, Yahoo Directory और इन जैसी directories में listed होना आपकी ranking के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, PR 0 directories के बहुत links बेकार है क्योंकि, यदि आपके पास ऐसे सैकडों या हजारों links है तो इसको link spamming भी माना जा सकता हैं।
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10-Number of outgoing links on the page that links to you

यह जितना कम हो उतना ही आपके लिए अच्छा है क्योंकि इस प्रकार आपके links ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई देते है।

11-Named anchors

Internal Navigation के लिए Named anchors फायदेमंद माने जाते है। लेकिन, SEO के लिए भी ये काफी फायदेमंद है क्योंकि ये दर्शाते हैं कि एक विशेष page, paragraph या text महत्वपूर्ण है।

12-IP address of inbound link

Google अक्सर इस बात से इनकार करता रहा है कि वह उन links में जो एक ही तरह की IP address या C class से आते है, कोई भेदभाव करता है। इसलिए माना जा सकता हैं कि Google, सभी inbound links के लिए प्रयोग में लाये IP address का कोई विशेष महत्त्व नहीं मानता। हालाकि, Bing और Yahoo एक ही IPs या IP classes से जुड़े links को discard कर सकते है। इसलिए हमेशा विभिन्न IPs से links प्राप्त करना बेहतर रहता हैं।

13-Inbound links from link farms and other suspicious sites

मुमकिन है कि ये आपको प्रभावित नही करे जब तक, links का स्वभाव reciprocal नही है। यहाँ धारणा ये है कि link farm से प्राप्त links के बारे में कुछ भी वर्णन करना आप के लिए तो संभव नहीं हैं। इसलिए आपको इसकी सजा नहीं मिलेगी। जबकि Google algorithm में आये कुछ पिछले बदलाव इसके विपरीत सलाह देते है। इसलिए, आपको हमेशा link farm और अन्य संदेहजनक sites से दूर रहना चाहिए। यदि आप देखते है कि वे आपसे links रख रहे है तो उनके webmaster से संपर्क कर link हटाने के लिए बोले।

14-Many outgoing links

Google बहुत सारे links वाले pages को पसंद नहीं करता है, इसलिए आपको प्रत्येक पेज पर 100 से कम रखने चाहिए। बहुत सारे outgoing links आपको ranking अच्छा करने में कोई लाभ नहीं पंहुचा सकते हैं बल्कि उनसे आपकी website की स्तिथि और बेकार हो सकती हैं।

15-Excessive linking, link spamming

यदि आपके पास एक जैसी sites से बहुत सारी links है, तो यह आपकी rankings के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि इससे ऐसा लगता है कि link खरीदी गयी है या तो फिर spamming की गयी है। सही मायने में, उनमे से केवल कुछ ही links आपकी website की SEO rankings के लिए consider की जाएँगी।

16-Outbound links to link farms and other suspicious sites

link farms या किन्ही suspicious sites से प्राप्त inbound links से ज्यादा किसी पुरानी website को दिया गया outbound link, आपको हानि पंहुचा सकता हैं। इसलिए आपको समय समय पर उन sites के बारे में जानकारी लेनी चाहिए जिनसे आप के links है क्योंकि कभी कभी अच्छी sites भी bad neighbors साबित हो जाती है।

17-Cross-linking

Cross-linking तब होता है जब site A, site B से जुडती है, site B, site C से जुडती है site C, site A से जुडती है। यह सबसे आसान उदहारण है लेकिन इससे ज्यादा complex schemes भी संभव है। Cross-linking को बिलकुल reciprocal link trading की तरह देखा जाता हैं और इसके लिए penality भी लग सकती हैं।

18-Single pixel links

यदि आपके पास एक link है जोकि एक pixel है या बस इतना ही बड़ा है कि मानव नेत्र उसको देख ना सके, तो कोई भी इस पर click नहीं करेगा और जाहिर है कि ये links केवल search engines को manipulate करने के लिए प्रयोग किये जायेंगे।

Meta Tags (Learn Search Engine Optimization In Hindi )

1-<Description> metatag

metatags की जरुरत लगातार ख़तम हो रही है लेकिन यदि कही metatags है तो वहाँ वो महत्व भी रखते है, ये कुछ और metatags है। metatag का प्रयोग अपनी site का एक बेहतरीन description लिखने में कीजिए। लेकिन एक हकीकत यह है कि metatags, Bing और Yahoo पर अभी भी जरुरी है, metatag का एक और फायदा भी है- ये कभी कभी search results में आपकी site के डिस्क्रिप्शन के रूप में आ जाता है।

2-<Keywords> metatag

टैग metatag भी जरुरी हैं। परन्तु, सभी metatags की तरह इस पर Google की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जाता और Yahoo तथा Bing भी थोडा ही ध्यान देते है। metatag को जरुरत के हिसाब से लगभग 10 से 20 keywords का ही रखे। tag में उन keywords का प्रयोग न करे जो आपने अपने पेज में प्रयोग ही नहीं करें, ये आपकी website की rankings के लिए बुरा होगा।

3-<Language> metatag

यदि आपकी साईट language-specific है तो इस tag को खाली न रहने दीजिये। Search engines के पास एक पेज की भाषा को निर्धारित करने के लिए, metatag पर भरोसा करने के अलावा बहुत सारे प्रभावी रास्ते है, लेकिन वे इस पर भी विचार करते है।

4-<Refresh> metatag

metatag, visitors को आपकी site से दूसरी site पर redirect करने का एक रास्ता है। ऐसा केवल तब कीजिए जब आपने हाल ही में अपनी site को एक नये domain में migrate किया हो और आप कुछ समय के लिए अपने visitors को redirect करने की जरुरत रखते है। ज्यादा समय के लिए प्रयोग में लेने के बाद, metatag का प्रयोग unethical practices में गिना जाता है। और ये आपकी website की ratings को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। किसी भी परिस्तिथि में 301 के द्वारा redirect करना ज्यादा उचित है।

Content

1-Unique content

अधिक से अधिक ऐसे content का होना जो किसी अन्य website से भिन्न हैं, आपकी site की rankings को तेजी से बढाता है।

2-Frequency of content change

बार बार content में परिवर्तन यक़ीनन पसंद किया जाता है। ये बहुत अच्छा होगा कि आप लगातार नये content जोड़ें। लेकिन, ये इतना भी अच्छा नहीं होगा अगर आप के द्वारा डाले गए content, पुराने content पर कुछ छोटे update करके ही बना दिए गये हैं।

3-Keywords font size

जब document text में एक keyword का font size दुसरे texts के हिसाब से बड़ा होता है तो, वो ज्यादा आकर्षक लगता है, इसीलिए ये दुसरे text के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसा ही headings में भी कीजिए, जो साधारण रूप से बाकी text के मुकाबले बड़े font size में होनी चाहिए।

4-Keywords formatting

Bold और Italic करके, इस प्रकार के शब्दों और phrases को ज्यादा important बनाना भी एक और तरीका है। हालाकि, Bold, Italic और बड़े font sizes का प्रयोग जरुरत के हिसाब से करे क्योंकि इसका विपरीत प्रभाव भी आपकी website पर हो सकता हैं।

5-Age of document

सर्च इंजन recent documents को पसंद करते हैं। अगर ऐसा संभव नहीं तो regularly updated का प्रयोग करने का प्रयास करे।

6-File size

साधारण रूप से, long pages ज्यादा पसंद नही किये जाते है। निश्चित ही आप ज्यादा अच्छी rankings पा सकते है यदि आप दिए गए topic पर एक long पेज की बजाय 3 छोटे पेज प्रयोग करते है। इसलिए, long pages को कई छोटे pages में convert कर ले और इस बात का भी ध्यान रखे कि text में 100-200 शब्द या उससे भी कम रखने वाले pages को Google नापसंद करता है।

7-Content separation

Marketing नजरिये से देखने पर, content separation उचित हो सकता है लेकिन SEO के लिए ये गलत है क्योंकि जब आपके पास एक URL और उससे अलग content है तो सर्च इंजन confuse हो जाएगा कि पेज का वास्तविक content क्या है।

8-Poor coding and design

Search engines के हिसाब से ख़राब design और poor coding style वाली sites सही नहीं होती। हालांकि, ऐसी बेहद कम sites है जो poor code या बुरे images की वजह से ban कर दी गयी है लेकिन जब एक site का design या coding ख़राब है तो वह site किसी भी तरह indexable नहीं हो सकती। इस प्रकार ख़राब design और code आपको बहुत हानि पहुंचा सकते है।

9-Illegal Content

दुसरे लोगों के copyrighted content को बिना उनकी इजाजत के प्रयोग करने से या ऐसे content का प्रयोग जो कानून के खिलाफ प्रचार करता हो, आपको search engines से बाहर निकाल सकता है।

10-Invisible text

यह एक black hat SEO तरीका हैं और spiders इसका पता लगा लेते है कि आपने text मुख्य रूप से उनके लिए वहा रखा है नाकि लोगों के लिए। अगर ऐसा हैं तो penalty पर चकित होने की जरुरत नहीं है।

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11-Cloaking

Cloaking भी एक illegal तकनीक है, जिसमे आंशिक रूप से content विभाजन भी शामिल हो जाता है क्योंकि spiders एक पेज देखता है, और बाकी सब उसी पेज के दुसरे version होते है।

12-Doorway pages

ऐसे Page बनाना जिनका लक्ष्य spiders को यह जताना होता हैं कि आपकी वेबसाइट एक highly-relevant साईट हैं जबकि वो हैं नहीं। जी हाँ, यह भी एक तरीका सर्च इंजन को चकमा देने का।

13-Duplicate content

जब site पर बहुत सारे pages पर एक जैसा content होता है तो ये आपकी site को बड़ा महत्वपूर्ण नहीं बनाता है। याद रखिये, duplicate content के वजह से आपकी website पर penalty लग सकती हैं।

Visual Extras and SEO

1-JavaScript

यदि इसका प्रयोग समझदारी से किया जाए तो ये हानि नहीं पहुँचाता। लेकिन यदि आपका मुख्य content, JavaScript के जरिये दीखता है, तो ये spiders के लिए बहुत कठिन बना देता है। यदि JavaScript code में कोई गड़बड़ है तो spiders उसे follow नहीं कर सकते है तो ये आपकी ratings को जरुर नुकसान पहुंचाएगा।

2-Images in text

केवल texts से भरी हुई site बहुत boring होती है. लेकिन, बहुत सारे images का होना और कोई text न होना तो Seo के लिए बहुत ज्यादा गलत है। हमेशा, टैग का प्रयोग करे और उसमे अपने images के लिए कुछ meaningful description जरूर दे।

3-Podcasts and videos

Podcasts और videos बेहद ज्यादा लोकप्रिय हो रहे है। लेकिन जैसा सभी non-textual goodies के साथ होता हैं, search engines उन्हें नहीं पढ़ सकते हैं। इसलिए, यदि आपके पास podcast या video की tapescript नहीं है तो यह लगभग ऐसा होगा कि वहाँ podcast या movie हैं ही नहीं क्योंकि ये search engines में indexed नहीं होगा।

4-Images instead of text links

text links के बजाय images का प्रयोग करना गलत होगा, खासतौर पर जब आप tag में भरेंगे। लेकिन फिर भी यदि आप tag में भरते है, तो यह बिलकुल वैसा नहीं होगा जैसे एक bold, underlined, 16-pt. link होने पर होगा, इसलिए images का प्रयोग केवल navigation के लिए करे यदि यह आपकी site के graphic layout के लिए सच में जरुरी है।

5-Frames

Frames, SEO के लिए बहुत ज्यादा गलत है। उनके प्रयोग न करे जब तक कि बेहद जरुरी ना हो।

6-Flash

Spiders, Flash movies के content को इंडेक्स नहीं करते है, इसलिए अगर अपनी site पर Flash का प्रयोग करे तो, इसको एक alternative textual description देना भी याद रखे।

7-A Flash home page

सोभाग्य से ये बीमारी अब कम होती नजर आ रही है। एक Flash home पेज का होना और HTML version का न होना, SEO के नजरिये से बहुत खतरनाक है।

Domains, URLs, Web Mastery(seo factor in hindi)

1-Keyword-rich URLs and filenames

यह बहुत जरुरी factor है खासतौर पर Yahoo! और Bing के लिए।

2-Site Accessibility

एक और fundamental issue जो अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। Broken links, 404 errors, password protected areas और बहुत से ऐसे कारणों की वजह से, यदि आपकी वेबसाइट accessible नहीं होती हैं तो वह website आसानी से indexed नहीं हो सकती।

3-Sitemap

एक पूरा और अपडेटेड sitemap होना बहुत अच्छा है। Spiders को यह पसंद है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये पुरानी तरह का HTML sitemap है या special format का Google का sitemap है।

4-Site size

Spiders को बड़ी sites ज्यादा पसंद है इसीलिए site साइज़ में जितनी बड़ी होगी उतना ही फायदेमंद हैं। हालाकि, बड़ी sites अक्सर user-unfriendly हो जाती हैं। इसलिए, कभी कभी बड़ी sites को कुछ छोटी छोटी sites में बाँट देना बेहतर रहता हैं। दूसरी तरफ ये भी एक फैक्ट हैं कि ऐसी sites मुश्किल से ही होती है जो कभी penalize कर दी गयी क्योंकि उनमे 10,000 से ज्यादा pages है। इसलिए, एक बड़ी website को केवल pieces में सिर्फ इस वजह से न बाटें क्योंकि यह लगातार बड़ी होती जा रही हैं।

5-Site age

Wine की तरह पुरानी sites भी ज्यादा respected होती है। यह माना जाता है कि एक नयी site के मुकाबले, एक पुरानी बनी हुई site ज्यादा विश्वासयोग्य होती है।

6-Site theme

ऐसा नहीं हैं कि केवल URLs और पेज में प्रयोग किये गए keywords ही महत्व रखते हैं। इनसे ज्यादा, Site theme अच्छी ranking के लिए जरुरी है क्योंकि जब site किसी एक theme में fit हो जाएगी, तो ये इस theme से जुड़े अपने सभी pages की rankings को तेजी से बढ़ाएगी।

7-File Location on Site

File की location भी महत्वपूर्ण होती है और जो files, root directory या उसके पास में स्थित है वो अच्छी rank पाती है उन files के मुकाबले जो 5 या उससे भी नीचे दबी हुई है।

8-Domains versus subdomains, separate domains

एक अलग domain होना ज्यादा अच्छा रहेगा- उदाहरण के लिए, blablabla.blogspot.com को छोड़ कर आपको एक अलग blablabla.com domain राजिस्टर करना चाहिए।

9-Top-level domains (TLDs)

सभी TLDs एक समान नहीं होते है। ऐसे भी TLDs ही है जो दुसरो से ज्यादा अच्छे है। उदाहरण के लिए, .ws, .biz, या .info domains से ज्यादा, चर्चित TLD .com ज्यादा अच्छा है लेकिन .edu या .org जैसे domains से ज्यादा अच्छा कोई नही है।
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10-Hyphens in URLs

एक URL में शब्दों के बीच में hyphens होने से readability बढ़ जाती है और SEO rankings में मदद मिलती है। ये दोनों hyphens में लागू होता है, फिर वो domains के नाम में हो और या URL के बाकी हिस्से में।

11-URL length

साधारणत: ये ज्यादा महत्व नही रखता है। लेकिन, एक बहुत लम्बा URL है तो ये spammy सा दिखना शुरू हो जाता है। इसलिए URL में अधिकतम 10 शब्दों का ही प्रयोग करे।

12-IP address

ये भी तीन परिस्तिथियों में महत्वपूर्ण हो सकता हैं; अगर shared hosting की स्तिथि है या जब एक site किसी मुफ्त में hosting देने वाले से host होती है और तब भी, जब IP या IP addresses की पूरी C-class, spamming या अन्य कारणों से blacklisted है।

13-Adsense will boost your ranking

Adsense किसी भी प्रकार से SEO ranking से नहीं जुड़ा है। Adsense ads की वजह से, Google आपको बिलकुल भी कोई ranking bonus नही देगा। Adsense शायद आपकी income तो बढ़ा सकता है लेकिन इसकी वजह से search rankings पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

14-Adwords will boost your ranking

Adsense की तरह Adwords का भी आपकी search rankings को बढ़ाने में कुछ हाथ नहीं होता है। Adwords आपकी site पर ज्यादा traffic ला देगा लेकिन यह किसी भी तरह से rankings को नहीं बढ़ाता हैं।

15-Hosting downtime

Hosting downtime सीधा accessibility से जुड़ा हुआ है क्योंकि यदि कोई site बार बार down हो जाती है, तो यह indexed नहीं हो सकती है। लेकिन आमतौर पर ऐसा नहीं होता, यदि आपका hosting provider वास्तव में विश्वसनीय नहीं है और उसका uptime 97-98% से कम है, तो ये आपके लिए परेशानी बन सकता है।

16-Dynamic URLs

Spiders सामान्य रूप से static URLs को पसंद करते है, हालांकि आप बहुत सारे dynamic pages को भी top positions पर देखेंगे। Long dynamic URLs सच में बुरे होते है और आपको dynamic URLs को SEO-friendly तरीके से लिख सकने वाले किसी टूल का प्रयोग करके rewrite करना चाहिए।

17-Session IDs

यह dynamic URLs से भी ज्यादा बुरा है, Session IDs का प्रयोग ऐसी जानकारी के लिए न करे जो आप spiders के द्वारा indexed कराना पसंद करते है।

18-Bans in robots.txt

यदि site के काफी भाग की indexing बैन हो जाती है तो यह nonbanned part को भी उसी तरह प्रभावित करती है क्योंकि spiders एक “noindex” site पर बहुत ही कम बार आएगा।

19-Redirects (301 and 302)

जब आप redirects का ठीक तरह से प्रयोग नहीं करते हो तो ये बहुत नुकसान पहुंचा सकता है- शायद target पेज न खुले या इस से भी ख़राब हो जाए। जब visitor तुरंत ही कोई दूसरा पेज ले जाया जाता है तो किसी redirect को एक black hat technique के जैसे माना जा सकते है।

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Learn SEO (Search Engine Optimization) for Hindi Blog in 10 Minutes Learn SEO (Search Engine Optimization) for Hindi Blog in 10 Minutes Reviewed by Seo Master on May 13, 2017 Rating: 5
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